Magh Mela 2026: प्रयागराज में इस बार होगा हाई-टेक संगम, जानें क्या है खास और नई सुविधाएं
प्रयागराज की पावन धरती पर लगने वाला माघ मेला 2026 इस बार पहले से कहीं ज्यादा भव्य और आधुनिक होने जा रहा है। संगम की रेती पर जुटने वाले लाखों श्रद्धालुओं और कल्पवासियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने इस बार परंपरा के साथ तकनीक का बेजोड़ संगम पेश किया है।
अगर आप भी 2026 में माघ मेले में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए है।
माघ मेला 2026 की मुख्य विशेषताएं
इस बार मेले का स्वरूप इतना विशाल है कि इसे देखने और समझने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मेले से जुड़े मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
- मेले की अवधि: आस्था का यह संगम कुल 44 दिनों तक चलेगा।
- विशाल क्षेत्रफल: इस बार मेला क्षेत्र 800 हेक्टेयर में फैला होगा, जिसे बेहतर प्रबंधन के लिए 7 सेक्टरों में बांटा गया है।
- घाट की लंबाई: श्रद्धालुओं को स्नान में असुविधा न हो, इसके लिए 2.8 कि.मी. लंबा स्नान घाट तैयार किया गया है।
- संपर्क मार्ग: गंगा और यमुना के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए 9 पीपा पुलों (Pontoon Bridges) का निर्माण किया जा रहा है।
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आधुनिक सुविधाएं और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट
माघ मेला 2026 केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि तकनीकी रूप से भी स्मार्ट होगा। यहाँ कुछ ऐसी सुविधाएं दी जा रही हैं जो पहली बार बड़े स्तर पर देखने को मिलेंगी:
1. AI कैमरों से होगी निगरानी
सुरक्षा के लिहाज से इस बार मेला क्षेत्र में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कैमरों का जाल बिछाया गया है। यह तकनीक भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने में मदद करेगी। साथ ही, 5000 से अधिक पुलिस बल की तैनाती की गई है।
2. आवाजाही के लिए ‘रैपिडो’ और ‘गोल्फ कार्ट’
मेला क्षेत्र में बुजुर्गों और यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए नई पहल की गई है:
- रैपिडो बाइक सेवा: संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जल्दी पहुँचने के लिए बाइक टैक्सी की सुविधा मिलेगी।
- गोल्फ कार्ट: बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए गोल्फ कार्ट गाड़ियाँ चलाई जाएंगी।
- पार्किंग व्यवस्था: निजी वाहनों के लिए 42 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
3. संस्थाओं का बड़ा जमावड़ा
इस बार मेले में लगभग 4599 संस्थाएं अपने पंडाल लगाएंगी, जहाँ भंडारे, प्रवचन और कल्पवासियों के ठहरने की व्यवस्था होगी।