‘महतारी वंदन’ का सबसे बड़ा अपडेट! 10,000 महिलाओं को झटका, अगर ये एक काम नहीं किया तो रुक जाएगी ₹1000 की किस्त
छत्तीसगढ़ अपडेट
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना की अगली किस्त लगभग 10 हजार महिलाओं के लिए खतरे में है, जिसके चलते उन्हें मिलने वाली कुल 1 करोड़ 23 हजार रुपये की राशि अटकने की कगार पर है।
यह स्थिति मुख्य रूप से इन महिलाओं द्वारा ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रक्रिया पूरी न करने के कारण बनी है।
क्यों अटकी राशि?
- ई-केवाईसी अनिवार्य: सरकार ने योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं को लाभ सुनिश्चित करने के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है। ई-केवाईसी के माध्यम से लाभार्थियों के आधार कार्ड और बैंक खाते का सत्यापन किया जाता है।
- अपडेट न करना: जिले में लगभग 9,223 महिला हितग्राहियों ने अभी तक अपना ई-केवाईसी पूरा नहीं किया है। बैंक खातों से संबंधित त्रुटियों या अन्य कारणों से भी भुगतान की स्थिति संदिग्ध बनी हुई है।
- पारदर्शिता का उद्देश्य: महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी के अनुसार, यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि कोई भी अपात्र व्यक्ति योजना का लाभ न ले सके। ई-केवाईसी एक प्रकार से ‘जीवन प्रमाण’ का कार्य करता है।
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ग्रामीण महिलाएं निकलीं आगे!
एक महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं ई-केवाईसी को लेकर अधिक जागरूक हैं।
- जिले में कुल 19,610 लाभार्थियों में से ग्रामीण क्षेत्र की 11,502 और शहरी क्षेत्र की 8,108 महिलाएं हैं।
- अब तक कुल 10,387 महिलाओं की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, जिनमें ग्रामीण क्षेत्र से 6,719 और शहरी क्षेत्र से केवल 3,668 महिलाएं शामिल हैं।
अधिकारी अपील: जिला प्रशासन ने सभी लंबित हितग्राही महिलाओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लें, ताकि उन्हें आगामी किस्त से वंचित न होना पड़े। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम पंचायत भवनों, अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों या महिला एवं बाल विकास कार्यालयों में संपर्क किया जा सकता है।
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