उपमुख्यमंत्री ने किया क्षेत्रीय फोरेंसिक लैब का उद्घाटन: अब अपराधियों की खैर नहीं
हाल ही में, छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कवर्धा में एक नई क्षेत्रीय फोरेंसिक लैब का उद्घाटन किया है। यह कदम बस्तर संभाग में अपराध अनुसंधान को और भी तेज और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस नई लैब का उद्देश्य अपराधों की जांच में तेजी लाना है, विशेष रूप से बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर और बीजापुर जैसे जिलों में। उपमुख्यमंत्री के अनुसार, यह लैब न केवल जांच में लगने वाले समय को कम करेगी बल्कि दोषियों को सजा दिलाने में भी मदद करेगी।
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त्वरित न्याय के लिए वैज्ञानिक सहयोग
उद्घाटन समारोह में, उप मुख्यमंत्री ने बताया कि यह लैब पुलिसिंग में सुधार लाएगी और अपराधों की जांच को आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों से करेगी। इस लैब में खून, बाल, उंगलियों के निशान और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच की जाएगी, जिससे अपराधों की गुत्थी सुलझाने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही, उन्होंने कानूनी सुधारों पर भी जोर दिया, ताकि छोटे-मोटे अपराधों के लिए पीड़ितों को तत्काल न्याय मिल सके। इस लैब के बनने से अब पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ अपराधियों को तुरंत पकड़ पाएगी।
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आम जनता को मिलेगा लाभ
यह लैब सिर्फ पुलिस के लिए ही नहीं, बल्कि आम जनता के लिए भी फायदेमंद है। जब अपराधों की जांच तेजी से होगी, तो दोषियों को जल्द सजा मिलेगी और निर्दोष लोग आसानी से बच पाएंगे। यह पहल न्याय व्यवस्था पर लोगों के विश्वास को और मजबूत करेगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस लैब का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच न्याय के प्रति विश्वास को बढ़ाना है और अपराधियों को उनके कर्मों की सजा दिलाना है।