शिक्षक भर्ती में बड़ा फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, नौकरी बचाने और प्रमोशन के लिए TET जरूरी
नई दिल्ली: शिक्षकों की नियुक्ति और सेवा से संबंधित एक महत्वपूर्ण फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को एक बड़ा आदेश जारी किया है। इस फैसले के अनुसार, अब शिक्षकों के लिए अपनी नौकरी में बने रहने और प्रमोशन पाने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य होगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सारांश
सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग श्रेणियों के शिक्षकों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं:
- 29 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षक:
- जिन शिक्षकों की नौकरी में 5 साल से कम सेवा बची है, वे बिना TET पास किए कार्यरत रह सकते हैं। हालांकि, उन्हें कोई प्रमोशन नहीं मिलेगा।
- जिन शिक्षकों की सेवा 5 साल से अधिक बची है, उन्हें नौकरी में बने रहने और प्रमोशन के लिए TET पास करना अनिवार्य होगा।
- 29 जुलाई 2011 के बाद नियुक्त शिक्षक:
- इन सभी शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य है।
- जो TET पास नहीं कर पाएंगे, वे न तो नियुक्त हो पाएंगे और न ही पदोन्नति के पात्र होंगे।
- पहले से कार्यरत (पुराने) शिक्षक:
- ये शिक्षक नौकरी और पदोन्नति के लिए सुरक्षित हैं, लेकिन भविष्य में किसी भी नई पदोन्नति के लिए TET पास करना जरूरी होगा।
Read Also:- छत्तीसगढ़ व्यापम: वार्ड बॉय और आया भर्ती के लिए आवेदन शुरू, यहाँ जानें पूरी जानकारी
क्यों लिया गया यह फैसला?
सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले के पीछे शिक्षा की गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का हवाला दिया है। कोर्ट ने कहा कि बच्चों के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अधिकार से समझौता नहीं किया जा सकता। TET को शिक्षकों की योग्यता का न्यूनतम मानक माना गया है।
Want to Get Heavy Discount On Shopping – Click here
अल्पसंख्यक संस्थानों पर फैसला
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश फिलहाल अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों पर लागू नहीं होगा। इस मुद्दे पर एक बड़ी बेंच फैसला करेगी कि क्या RTE अधिनियम इन स्कूलों पर लागू होता है। जब तक कोई अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक इन संस्थानों के शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य नहीं है।
यह फैसला देश भर के लाखों शिक्षकों और भावी उम्मीदवारों को प्रभावित करेगा। जिन शिक्षकों ने अभी तक TET पास नहीं किया है, उन्हें अपनी नौकरी जारी रखने और पदोन्नति पाने के लिए जल्द से जल्द यह परीक्षा पास करनी होगी।