बरगांव: सरपंच हितेश कुमार द्वारा अवैध रेत खनन का खेल, ग्रामीणों में भारी रोष

bargaon-sarpanch-hitesh-kumar-illegal-sand-mining

बरगांव: छत्तीसगढ़ के ग्राम पंचायत बरगांव में इन दिनों जन प्रतिनिधि की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने वर्तमान सरपंच हितेश कुमार मालाकार पर पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध रेत खनन कराने और सरकारी विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि रेत खदान का आधिकारिक ठेका होने के बावजूद, सरपंच के संरक्षण में अवैध रूप से उत्खनन का खेल धड़ल्ले से चल रहा है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

सरकारी काम में बाधा और अवैध वसूली

ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत बरगांव में कलमा बैराज जल संसाधन विभाग के लिए गेस्ट हाउस का निर्माण कार्य किया जा रहा है। आरोप है कि इस कार्य के लिए बालू (रेत) ले जा रहे वाहनों से सरपंच द्वारा अवैध रूप से पैसों की मांग की गई। मांग पूरी न होने पर सरपंच ने बालू ले जाने से साफ मना कर दिया और काम रुकवाने का प्रयास किया। वहीं दूसरी ओर, एक निजी रोड ठेकेदार को अवैध रूप से बालू की आपूर्ति की जा रही है।

प्रशासनिक चेतावनी का भी असर नहीं

यह मामला पहली बार सामने नहीं आया है। इससे पूर्व भी ग्रामीणों की शिकायत पर तहसीलदार, पटवारी और माइनिंग ऑफिसर ने गांव का निरीक्षण किया था। उस दौरान सरपंच को कड़ी हिदायत दी गई थी कि अवैध गतिविधियों को तुरंत रोका जाए। इसके बावजूद, कुछ दिनों तक शांत रहने के बाद सरपंच ने फिर से अपनी मनमानी शुरू कर दी है।

Read Also:- SC का बड़ा फैसला: तदर्थ (Ad Hoc) न्यायाधीशों की भूमिका में विस्तार, अब कार्यरत जजों के साथ साझा करेंगे बेंच

DMF फंड को नुकसान और रात में तस्करी

ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध खनन से गांव के विकास के लिए मिलने वाली DMF (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन) राशि को भारी नुकसान पहुंच रहा है।

  • ट्रैक्टरों का उपयोग: रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर रेत का परिवहन किया जा रहा है, जिसमें कथित तौर पर सरपंच का निजी ट्रैक्टर भी संलिप्त है।
  • धमकी भरा लहजा: जब भी कोई ग्रामीण इस पर आपत्ति दर्ज कराता है, तो सरपंच द्वारा ‘ऊपर तक पहुंच’ होने की बात कहकर उन्हें डराया-धमकाया जाता है।

एक जनप्रतिनिधि का कर्तव्य गांव का विकास करना होता है, लेकिन बरगांव में स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है। अवैध खनन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि सरकारी राजस्व की भी चोरी हो रही है। अब यह देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस मामले में क्या कड़ी कार्रवाई करता है।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *